देहरादून/ उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल के निर्देशों के अनुपालन में तथा जनहित एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा “safe drugs: safe life” campaign के तहत ड्रग विभाग के साथ सहसपुर, बड़ा-रामपुर, छोटा-रामपुर, झाझरा, सुद्धोवाला,सभावाला व देहरादून के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का गत दिवस संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री मानेन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, श्री विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जनपद देहरादून शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में औषधियों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण, औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों सहित स्टोर्स के लाइसेंस, फार्मासिस्ट रिकॉर्ड, एक्सपायरी दवाइयाँ तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया, सीसीटीवी संचालन आदि की विस्तृत जाँच की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये। इस औचक निरीक्षण में कई मेडिकल स्टोर में अनियमितता मिली तो स्टोर को बंद करने व दवाओं की बिक्री पर रोक के आदेश दिए गए साथ ही लाइसेंस निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई।
उधर विधिक प्राधिकरण के अनुसार निरीक्षण में यह भी पाया गया कि सभावाला, छोटा-रामपुर, बड़ा-रामपुर, सुद्धोवाला, सहसपुर क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोरों ने निरीक्षण की जानकारी होते ही अपने-अपने मेडिकल स्टोर बंद कर दिये, जिससे उनकी कार्यप्रणाली एवं विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न होता है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। औषधियों के विक्रय से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को विधि के अनुरूप कार्य करना अनिवार्य है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून आमजन से भी अपील करता है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित औषधियों का विक्रय, एक्सपायरी दवाइयों का उपयोग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त हो, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को दें।