डीएम प्रशान्त आर्य ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्ग,स्नान घाटों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने गंगोत्री धाम में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित भूस्खलन जोन तथा यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों,पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल,शौचालय,सफाई,स्वास्थ्य सेवाओं और ठहरने की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। डीएम ने स्नान घाट के सौंदर्यीकरण करने एवं नगर पंचायत के अंतर्गत चल रहे निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने गंगोत्री सीवरेज प्लांट में किचन और बाथरूम का पानी समाहित न होने देने के लिए नगर पंचायत और जल संस्थान को संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम ने मंदिर परिसर में समुचित प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश उरेडा को दिए साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों के आजीविका संवर्द्धन के लिए यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर क्योस्क स्थापित करने के निर्देश रीप को दिए।
डीएम ने धराली में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रभावित परिवारों द्वारा रखी गई मांगों पर उन्होंने हर संभव निस्तारण करने का भरोसा दिलाया। डीएम ने प्रतिकर से जुड़े मामलों के निस्तारण को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने बीआरओ को धराली में सड़क मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को धूल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क मार्ग पर डामरीकरण कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश भी बीआरओ को दिए।