देहरादून/ डीएम सविन बसंल ने राज्य स्थापना की रजत जयंती कार्यक्रम अंतर्गत मुख्य कोषागार देहरादून में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में डीएम ने राज्य आंदोलनकारी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल, श्रीमती कौशल्या रावत, श्रीमती सरोज सिंह बहुगुणा, श्री राजेश्वर सहित अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती प्रेमवती डोभाल को पुष्प गुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया साथ ही श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल को मौके पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई।4 इस अवसर पर
मुख्य कोषागार में पेंशनरों की सुविधा के लिए जिला प्लान से 25 लाख लागत में नवनिर्मित ‘‘आरोहण’’ सभागार का लोकापर्ण भी किया और मुख्य कोषागार कार्यालय को 10 नए कम्प्यूटर देने की स्वीकृति भी प्रदान की। शिविर में डीएम ने राज्य आन्दोलनकारी पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोषागार में जो भी बुजुर्ग पेंशनर आते है, उनको सम्मान के साथ उनका अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल एवं सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनरों को रिटायर्ड जीवन में सुखी और स्वस्थ्य रहने की कामना करते हुए सामाजिक मेल मिलाप बनाए रखने, पढ़ने की आदतों को जीवित रखते हुए अपने अनुभवों से समाज सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान बनाए रखने की अपील की।
शिविर में पेंशनरों को निःशुल्क चिकित्सा जांच के साथ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से घर बैठे एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के द्वारा, कोषागार में उपस्थित होकर बायोमेट्रिक उपकरण की सहायता से, पोस्टमैन के माध्यम से, जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से जमा कराये जाने हेतु सही विकल्प के बारे में बताया गया।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सेवानिवृत्त सीटीओ पी.सी. खरे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह सहित कोषागार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद थे।
