उत्तरकाशी की नई जिला पंचायत में पांच साल बाद तहजीब लौटी है। एटमॉस्फियर भी बदला है। कार्यालय में चहल-पहल भी नजर आने लगी है। टाइम कार्यालय का फिक्स टाइमबांड हुआ है जो होता है। ये शिकायत अब नहीं कि टॉप से लेकर बॉटम तक फंला नहीं है। ये शिकायत भी नहीं, अब सब की सुनी जा रही है। यह सब कुछ संभव हुआ है तहजीब,आदर,सत्कार और सम्मान देने के धनी नए जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान के बागडोर संभालने से। उनके अध्यक्ष बनने के बाद जिला पंचायत में एक लंबे समय बाद रौनक लौटती नजर आ रही है वह इसलिये कि बोल तो सकते नहीं मगर चेहरे के हावभाव बता देते हैं।
इस बीच उत्तरकाशी के नए जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान के पद संभालने के बाद उनसे मुलाकात और बातचीत का मौका मिला। बातचीत में उन्होंने माना कि उनके समक्ष चुनौतियां बहुत हैं। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत को पटरी पर लाने के लिये अथक प्रयास पहले करने होंगे जिसके लिये वे गंभीरता से सोचते हुए प्रयत्नशील हैं। एक बहुत बडी जिला पंचायत की लाइबिलिटी उनके सामने पद संभालने के बाद किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इतनी बड़ी देनदारी को लेकर भी वे चिंतित जरूर हैं। उन्होंने माना कि 15 करोड़ से अधिक की लायबिलिटी नए बोर्ड के मत्थे पड़ी है। उनका यह कहना कि पिछली देनदारी की इतनी बड़ी रकम के निपटान और नई जिला पंचायत की उम्मीद को कैसे तय किया जाना यह भी आगे चलकर सोचा जाना है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है उसमें वे बेहतर प्रयास कर जितना हो सके खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास की अवधारणा के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचे, सुदूरवर्ती इलाकों तक की समस्याओं का समाधान हो इसके लिये वे प्रयासरत रहेंगे साथ ही सरकार,जिला प्रशासन के सहयोग से भी विभिन्न स्थानों में शिविर लगाकर जनसमस्याओं का समाधान व निराकरण का प्रयास किया जाएगा।