उत्तराखंड के लोकगायक गणेश मर्तोलिया की बहिन दिया मर्तोलिया तथा नानी कुंती देवी बर्फाल के उपचार में बरती गई गंभीर लापरवाहियों की जांच के लिए गठित टीम मुनस्यारी पहुंची। टीम को जनता के साथ जनप्रतिनिधियों का भी आक्रोश झेलना पड़ा। टीम ने चार चश्मदीद गवाओं के बंद कमरे में कलमबंद बयान लिए। टीम को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता ने इस मामले में की गई गंभीर लापरवाहियों की दास्तान सुनाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जांच में अगर पक्षपात हुआ तो देहरादून में मुख्यमंत्री से मिलकर न्यायिक जांच की मांग की जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक की अध्यक्षता में पहुंची टीम में फिजिशियन डॉ.एस. सी. रजवार, निश्चितक विशेषज्ञ डॉ.हेमंत शर्मा उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत धापा निवासी उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक गणेश मर्तोलिया की बहन दिया मर्तोलिया तथा नानी श्रीमती कुंती देवी बर्फाल की जंगली मशरूम खाने से अत्यधिक स्वास्थ्य खराब हो गया था। इस मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा मृतक महिलाओं के परिजनों का आरोप है कि जांच तथा उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई है। जांच के लिए आज यहां पहुंची टीम के सम्मुख पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई है। जिसकी पुष्टि आज दिए बयानों में हो गई है। श्रीराम सिंह धर्मशक्तू तथा केदार सिंह मर्तोलिया ने भी इलाज में हुई लापरवाही तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रही अव्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों को दी।
दिया को 11 जुलाई की रात को एक बजे अस्पताल लाने वाले उनके रिश्तेदार धापा निवासी राजेंद्र सिंह रिलकोटिया ने बताया कि अस्पताल में उपस्थित डॉ. को जंगली मशरूम खाने की बात बताई गई। अस्पताल में दिया को दो सुई लगाई गई।
सुई लगाये जाने के बाद दिया ने कुछ देर अस्पताल में ही आराम किया। बयान में डॉ. से दिया मर्तोलिया को भर्ती करने के लिए कहा गया, लेकिन उपस्थित डॉ.ने कहा कि भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। इन्हें आप घर ले जा सकते है। डॉ.के ओपिनियन के बाद दिया को उसके निवास स्थान धापा ले गए। 12 जुलाई की सुबह दिया मर्तोलिया तथा उसकी नानी कुंती देवी बर्फाल को अत्यधिक स्वास्थ्य खराब होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
उधर दिया कि बड़ी बहन भाग्यश्री पांगती तथा चाची निर्मला पांगती हल्द्वानी में है। इसलिए उनका बयान नहीं लिया जा सका। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.प्रशांत कौशिक ने बताया कि इन दोनों के बयान देने के लिए नैनीताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की जाएगी। इधर 12 जुलाई से 13 जुलाई को रेफर होने तक अस्पताल में दोनों मरीजों के साथ रही धापा निवासी प्रिया रिलकोटिया ने बताया कि बार-बार डॉ.से दोनों मरीजों के हाल-चाल पूछने पर डाक्टरों का कहना कि दोनों यही ठीक हो जाएंगे। रेफर करने के लिए भी बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन समय-समय पर उपस्थित डॉक्टरों ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि रात्रि के समय अस्पताल में स्टाफ नजर नहीं आता था। बहरहाल जांच टीम बयान दर्ज कर लौटी है।
पत्रकार पूरन चंद्र पांडे तथा दरकोट निवासी तथा दिया के जीजा राजेंद्र सिंह पांगती ने भी अपने बयान दर्ज किए।