उत्तरकाशी के ऋतिक चमियाल के मॉडल का 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था। अब ऋतिक के मॉडल कों पेटेंट मिला है। छोटे गांव के बड़े वैज्ञानिक ऋतिक सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक स्थित बिगराड़ी गांव के रहने वाले हैँ। ऋतिक चमियाल ने बड़ा काम करके दिखाया है। ऋतिक ने गांव की महिलाओं के लिए एक ऐसी मशीन बनाई है, जिससे वे आसानी से धान कूट सकेंगी। इसके लिए न तो उन्हें पेट्रोल-डीजल की जरूरत होगी और न बिजली की। इस मशीन के मॉडल का चयन 2019 में आईआईटी दिल्ली में NLEPC के राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 में हुआ था। इस प्रतियोगिता में चयनित छात्र शैक्षिक भ्रमण के लिए शकुरा जापान जाते हैँ ।
राइंका गडोली में 2019 में नवीं कक्षा के छात्र ऋतिक ने तैयार की थी धान कूटने की एडवांस मशीन इसके लिए पेट्रोल, डीजल या बिजली की नहीं पड़ेगी जरूरत। राजकीय इंटर कॉलेज गडोली के छात्र ऋतिक ने साबित कर दिया कि प्रतिभा कहीं भी साकार रूप ले सकती है। छोटे से गांव के इस बड़े वैज्ञानिक ने धान कुटाई के लिए मशीन बनाई है, जिसे पैडल मारकर साइकिल की तरह चलाया जा सकता है। इससे जहां आसानी से धान की कुटाई हो जाएगी, वहीं पैडल मारकर धान कूटने से शरीर में स्फूर्ति भी रहेगी। मशीन को आसानी से कहीं भी लाया-ले जाया जा सकता है। ऋतिक के इस मॉडल को अभिप्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान खोज के तहत नवोन्मेष प्रतियोगिता में ब्लॉक, जिला और राज्य के बाद राष्ट्रीय और अब अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता मिली है। मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 में चुना गया था जो कि शकूरा जापान शैक्षिक भ्रमण पर जाते हैँ। अब इस मॉडल कों पेटेंट मिल गया है । यह मॉडल अब उन महिलाओं के लिए मददगार साबित होगा, जिन्हें धान कूटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऋतिक के पिता किशन सिंह चमियाल गांव में ही मेहनत-मजदूरी करते हैं। ऋतिक पढ़ाई में भी काफी अच्छा है और इस तरह के प्रयोग करने में उसकी काफी रुचि है। ऋतिक की इस उपलब्धि पर उत्तरकाशी के जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल व जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शैलेन्द्र अमोली , जिला समन्वयक इंस्पायर अवार्ड्स डा. राजेश जोशी , सह जिला समन्वयक डा. सजीव डोभाल साहित सभी शिक्षकों ने हर्ष जताया है और ऋतिक कों बधाई दी है। जिला समन्वयक डा. राजेश जोशी ने जानकारी दी है कि जिला उत्तरकाशी से लगातार बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करते हैँ और गत वर्ष 2024 के NLEPC में उत्तरकाशी के अ. उ. रा .इ. का. नैटवाड के आयुष राणा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 में जगह बनाई थी। उत्तराखंड से चयनित 4 बाल वैज्ञानिको में से वे एक हैँ।