प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार नीलकंठ में रिजॉर्ट बनाने के लिए बेटे ने संरक्षित प्रजाति के पेड़ों को कटवा डाला। लैंसडाउन डिवीजन के वन विभाग ने इस मामले में कैबिनेट मंत्री के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह भी जानकारी मिली है कि निजी नाप भूमि पर रिजॉर्ट निर्माण के लिए संरक्षित प्रजाति के पेड़ों का अवैध कटान किया गया। तकरीबन 26 पेड़ों पर आरी चलाई गई। यह स्थान नीलकंठ मार्ग पर खैरखाल में स्थित है। वन विभाग के अधिकारियों
के मुताबिक 24 पेड़ छूट प्रजाति के हैं, जबकि दो पेड़ संरक्षित प्रजाति खैर के पेड़ हैं। जांच में दो खैर के पेड़ काटे जाने की पुष्टि होने पर लालढांग रेंज द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है। इस भूमि पर बिना अनुमति के सड़क भी काटे जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन की ढिलाई भी रही है।
उधर कैबिनेट मंत्री के बेटे पीयूष अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने अनुमति के बाद ही पेड़ों का कटान किया है। संरक्षित पेड़ कट जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो वह नियमानुसार जुर्माना भरेंगे।
बता दें कि वन संरक्षण अधिनियम, 1976 के तहत, संरक्षित प्रजाति के पेड़ काटने पर जेल भी हो सकती है या.
पेड़ काटने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।