पिथौरागढ़ / उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के राज्य संयोजक जगत मर्तोलिया ने उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन को भंग कर दिया है। उन्होंने कहा कि रविवार को सरकार का पुतला फूंकने के आंदोलन को एक संगठन ने असफल बना दिया। इसलिए अब यह संगठन कोई आंदोलन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का एजेंट बनकर कुछ लोगों ने इस आंदोलन को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि 12 जनपदों में ग्राम पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत को छोड़कर जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने के बाद रविवार को राज्य सरकार का पुतला फूंकने का निर्णय लिया गया था।
राज्य सरकार द्वारा जिला पंचायत सदस्यों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
संगठन के राज्य संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि इस संगठन का निर्माण तीनों पंचायत को एकजुट करने के लिए किया गया था। संगठन ने जिस बात को लेकर मुहिम चलाई थी।
इसका फायदा संगठन के 12 सदस्यों को प्राप्त हो गया है।
संगठन की बात सही थी कि प्रशासक समिति के माध्यम से कार्यकाल बढ़ सकता है।
सरकार ने समिति की जगह प्रशासक रखकर कार्यकाल बढ़ाया। इसलिए जिला पंचायत सदस्यों को भी इसका फायदा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि संगठन ने जो संवैधानिक आधार दिए थे, सरकार ने उसे स्वीकार किया। हालांकि इसका फायदा तीन पंचायतों के सर्वाधिक सदस्यों को नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि रविवार को राज्य सरकार का पुतला जलाने का निर्णय लिया गया था, जिसे ग्राम प्रधान संगठन ने विफल कर दिया है। इसलिए तत्काल प्रभाव से संगठन को भंग कर दिया गया है और आज से वह भी इस पद पर कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का एजेंट बनकर इस आंदोलन को भ्रमित किया गया। आंदोलन को कमजोर किया गया। अधिकांश ग्राम प्रधान इस बात को नहीं समझ पाए। इस बात का संगठन को हमेशा दुख रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस संगठन की कोई भी गतिविधि नहीं होगी।