खबर बागेश्वर जिले से है जहाँ एक फर्जी शिक्षिका का मामला पकड़ा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार बागेश्वर जिले के ग्वाड़ी में प्राथमिक स्कूल में कार्यरत शिक्षिका बबीता पुत्री फकीर राम जिसे जनवरी 2026 में प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिली थी। गौरतलब है कि नियुक्ति के बाद शिक्षा विभाग ने नियमों के तहत उनके सभी प्रमाणपत्रों को जांच के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर बोर्ड के पास भेजा था। बोर्ड की ओर से जब उनके UTET प्रमाणपत्र की जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बबीता द्वारा जमा किया गया UTET का अंकपत्र बोर्ड द्वारा जारी ही नहीं किया गया है। इस अंकपत्र पर जो अनुक्रमांक दर्ज है, वह रिकॉर्ड में किसी अन्य अभ्यर्थी के नाम पर दर्ज है। जिससे स्पष्ट हो गया कि अंकपत्र कूटरचित तरीके से बना।
इधर उक्त मामले में प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा राम का कहना है कि बोर्ड से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और रिपोर्ट में प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया है। उन्होंने कहा कि अब विभाग इस पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करेगा और शिक्षिका की सेवा समाप्त करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज भी होगा।
बता दें कि इससे पहले बागेश्वर जिले में 10 फर्जी शिक्षकों के मामले आये थे और अब यह 11वां मामला आया है