सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग तथा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरु ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। अस्पताल निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का भी उन्होंने निरीक्षण किया। जिला सभागार में राजस्व विभाग, आयुष विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। एग्रीस्टैक एवं फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों को समय पर पूरा करने तथा पटवारी चौकी धौंतरी, गड़ूगाड़ एवं कानूनगो चौकी डुंडा की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली साथ ही राजस्व विभाग के निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके कार्यों की उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के कार्यों में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने, ई–ऑफिस का संचालन सुनिश्चित करने, सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनका समय पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों की जांच में विशेष सतर्कता बरतने और सीएससी केंद्रों के माध्यम से गलत दस्तावेज या जानकारी अपलोड किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सचिव ने जिला कार्यालय परिसर व स्मार्ट कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर डीएम प्रशांत आर्य, संयुक्त संचालक चकबंदी राजस्व बोर्ड नरेश चंद दुर्गापाल, एसडीएम शालिनी नेगी, बृजेश कुमार तिवारी, मुकेश चंद रमोला, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रत्नमणि भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
