गंगोत्री धाम की यात्रा पर कांवड़ लेने आए सहारनपुर निवासी प्रद्युमन के लिए अचानक शुरू हुआ स्वास्थ्य संकट उस समय गंभीर हो गया, जब खड़ी बाइक के दौरान उन्हें अचानक दौरे पड़ने लगे और वे बेहोशी की अवस्था में पहुंच गए। परिजनों एवं साथ मौजूद लोगों द्वारा आनन-फानन में उन्हें जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
जिला चिकित्सालय पहुंचने पर मरीज की हालत बेहद गंभीर बताई गई। उन्हें दौरे पड़ रहे थे, चेतना का स्तर कम था और सांस लेने में भी गंभीर परेशानी थी। प्रारंभिक चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद मरीज को तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां फिजिशियन डॉ. नवीन शर्मा के नेतृत्व में उपचार शुरू किया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, ताकि उनकी सांस और ऑक्सीजन स्तर को नियंत्रित रखा जा सके। चिकित्सकीय अभिलेखों के अनुसार मरीज में स्टेटस एपिलेप्टिकस/दौरे, टॉक्सिक एन्सेफैलोपैथी तथा एस्पिरेशन निमोनिया जैसी गंभीर स्थितियों का उपचार किया गया। मरीज की लगातार निगरानी के साथ आवश्यक जांचें, दवाएं, ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटरी सपोर्ट उपलब्ध कराया गया। आईसीयू टीम द्वारा मरीज के रक्तचाप, हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर, ब्लड शुगर सहित अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटरों की लगातार मॉनिटरिंग की गई। लगातार करीब 30 घंटे तक वेंटिलेटर एवं आईसीयू सपोर्ट पर उपचार मिलने के बाद मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। चिकित्सकों एवं आईसीयू टीम की निगरानी में मरीज को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाया गया। इसके बाद भी उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार होने के पश्चात उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
मरीज के स्वस्थ होकर घर लौटने पर उसके परिजनों ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं समस्त स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि गंभीर हालत में समय पर उपचार और आईसीयू में मिली बेहतर चिकित्सा सुविधा के कारण मरीज को नया जीवन मिला।
जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बी.एस. रावत ने मरीज के सफल उपचार पर डॉ. नवीन शर्मा सहित आईसीयू में तैनात समस्त चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य स्टाफ को बधाई दी।