सीमांत जिला उत्तरकाशी में जिला योजना को लेकर सियासत गरम हो गई है। यमुनोत्री के निर्दलीय विधायक संजय डोभाल ने जिला योजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर हल्ला बोला है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को जिला योजना में संशोधन के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर योजना में संशोधन नहीं किया गया तो मंत्री आवास और जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया जाएगा।
विधायक संजय डोभाल का आरोप है कि एक व्यक्ति के इशारे पर जिला योजना को बांटा गया है और इसमें मोटा कमीशन लिया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्री डोभाल का कहना है कि विधायकों के प्रस्तावों को हटा कर कुछ चुनिंदा लोगों की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई हैं आंखिर प्रभारी मंत्री और डीएम उत्तरकाशी ने किसके दवाब में यह किया है। विधायक श्री डोभाल ने जनप्रतिनिधियों से भी कहा कि वे सामने आयें और बतायें कि उनके द्वारा दिए गये जनहित के कितने प्रस्ताव इस जिला योजना में स्वीकृत किए गए हैं और कितने प्रस्ताव स्वीकृत हुए और कितने प्रस्तावों को दरकिनार किया गया है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव भी बड़ी संख्या में दरकिनार किए गये हैं तो इससे साफ स्पष्ट होता है कि मामला कैवल किसी एक राजनीतिक दल या विधायक का नहीं है बल्कि पूरी जिला योजना की प्रक्रिया और उसमें अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जिला योजना में अपने ही प्रस्तावों का एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोनिवि में उनके द्वारा दिये एक भी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला योजना के प्रस्तावों की मंजूरी में क्या खेल हुआ है। विधायक ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला योजना की पूरी प्रकिया की निष्पक्ष समीक्षा की जाय प्रत्येक स्वीकृत योजना का प्रस्ताव किस जनप्रतिनिधि द्वारा दिये गये है, उसकी संस्तुति किस स्तर से हुई और उसे किस आधार पर स्वीकृति मिली-इसकी पूरी जनकारी सार्वजनिक की जाय। उन्होंने यह भी कहा कि जिला योजना की वर्तमान सूची निरस्त या उसमें जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव को शामिल नहीं किया जाता है तो उन्हें जिला मुख्यालय और मंत्री निवास का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।