देहरादून/ भूमि कब्जे के आरोप व परिजनों पर हुए मुकदमे के बाद विवादों में घिरे गदरपुर के भाजपा विधायक पूर्व मंत्री अरविंद पांडे ने आज देहरादून में डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात की। विधायक ने उनके खिलाफ साजिश करार देते हुए डीजीपी से मांग की है कि सच सामने लाने के लिए दोनों पक्षों का नार्काे और पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाए। डीजीपी से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में अरविंद पांडे ने कहा कि वह मुकदमा खत्म कराने की सिफारिश करने नहीं बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिये मिले हैं। उन्होंने कहा कि सत्यता का परीक्षण अनिवार्य है। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनके परिवार का कोई भी सदस्य इस मामले में दोषी पाया जाता है, तो पुलिस उस पर कड़ी कार्रवाई करे लेकिन यदि यह साजिश है तो उसका पर्दाफाश होना चाहिए।
विधायक पांडे ने कहा कि वह जांच से भागने वाले नहीं हैं और चाहते हैं कि नार्काे टेस्ट के माध्यम से सही बात सामने आए।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को बाजपुर पुलिस ने जमीन हड़पने के आरोप में गदरपुर विधायक के भाई देवानंद पांडे सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गांव बहादुरगंज निवासी शिकायतकर्ता संजय बंसल ने तहरीर दी थी कि मुंडिया पिस्तौर स्थित उनकी जमीन पर आरोपियों ने फर्जी किरायानामा बनाकर कब्जा करने की कोशिश की है। इसी क्रम में 21 अगस्त 2025 को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने उक्त भूमि पर हो रहे निर्माण को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया था।
जिससे विधायक पांडे ने साफ कर दिया है कि वह जांच से भागने वाले नहीं हैं और चाहते हैं कि नार्काे टेस्ट के माध्यम से सच्चाई जनता के सामने आए।
