देहरादून/ देहरादून जिले के लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर डीएम सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
दरअसल लाखामण्डल, चकराता निवासियों द्वारा डीएम को शपथ पत्र के साथ संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य भी पेनड्राइव के माध्यम से संलग्न किया गया था। जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद किसी भी दस्तावेज को तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जनजाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी। डीएम द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर डीएम द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या डीएम को प्रस्तुत करें। उधर डीएम के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिया गया है।
