उच्चतम न्यायालय के आदेशों के क्रम में जनपद में अवैध एवं अनाधिकृत धार्मिक संरचनाओं को हटाने व पुनर्स्थापित करने को लेकर डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें विभागों को अपने क्षेत्रान्तर्गत अवैध धार्मिक संरचनाओं का सर्वे एवं चिन्हीकरण कराते हुए तीन दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि नगर निगम, पालिका, एमडीडीए, तहसील और सभी विभाग अपनी परिसंपत्तियों का एक बार पुनः सर्वेक्षण करें और अवैध धार्मिक संरचनाओं को चिन्हित करते हुए 3 दिन के भीतर लिखित में इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि ऐसा कोई मामला नहीं भी है, तो भी लिखित में इसकी रिपोर्ट दें ताकि सभी विभागों की संकलित रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जा सके। डीएम ने हिदायत दी कि उच्च प्राथमिकता वाले इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही न की जाए अन्यथा इसके बाद विभागीय परिसंपत्तियों में कहीं पर भी अवैध और अनाधिकृत धार्मिक संरचनाएं मिली, तो संबंधित विभागीय अधिकारी इसके लिए स्वयं उत्तरदायी रहेंगे। डीएम ने विभागीय परिसंपत्तियों पर चिन्हित किए गए अवैध धार्मिक संरचनाएं हटाने के लिए समय सीमा तय करते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, एसडीएम हरि गिरी व अपूर्वा, अपर नगर आयुक्त हेमंत कुमार वर्मा, एसई सिंचाई संजय राय, ईई एनएचआईडीसीएल सुरेश तोमर, एसडीएफओ उदय एन. गौर, डॉ शिप्रा शर्मा, अनिल सिंह रावत सहित वर्चुअल माध्यम से सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।