टिहरी जिले के प्रतापनगर
ब्लॉक के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों में विभिन्न कार्यक्रमों जिसमे शादी-व्याह के मांगलिक कार्य भी शामिल हैं में शराब परोसने के चले ट्रेडिशन को बंद कराने समेत अवैध शराब में अंकुश लगाने को लेकर राज्य आंदोलनकारी व देवभूमि उत्तराखंड नशा नुक्त जनमोर्चा संगठन के संयोजक देवी सिंह पंवार का मिशन जारी है। उत्तरकाशी में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवी-देवताओं की भूमि,ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। मगर दुर्भाग्य है कि इस तपस्थली को शराब में डुबोया जा रहा है। एक समय था जब देहरादून से उत्तरकाशी के बीच टिहरी में एक शराब का ठेका हुआ करता था उसमें भी बगैर लाइसेंस के शराब नहीं मिलती थी लेकिन उत्तराखंड में अब हर 10 से 15 किलोमीटर में शराब मिलती है जो कि पहाड़ को खोखला कर रही है। श्री पंवार ने कहा कि उन्होंने स्व. इंद्रमणि बडोनी के साथ 1975 से उत्तराखंड की लड़ाई लड़ी,6 बार जेल गया। उत्तराखंड मिला मगर ये कभी सोचा नहीं था कि उत्तराखंड बनने के बाद हकीकत कुछ और होगी। उत्तराखंड राजनेताओं के लिये बना,शराब के नशे में उत्तराखंड को डुबोने भर का हुआ काम। उन्होंने कहा कि हमे उत्तराखंड की संस्कृति को बचाना है। इस संस्कृति को संजोए रखने के लिये उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाया जाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि अभी तो गाँव व ब्लॉक स्तर से शराबबंदी की आवाज उठाई है आगे चलकर शासन स्तर पर भी आवाज उठाने के लिये आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में जो भी शराब परोसता है उसे वोट न दो। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध शराब के साथ ही देवभूमि में अवैध मादक पदार्थों में भी अंकुश लगाया जाना जरूरी हो गया है।
नशा मुक्त जनमोर्चा संगठन के संयोजक ने कहा कि उत्तरकाशी के मुखवा-हर्षिल में माननीय प्रधानमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम है। प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में उत्तराखंड को नशा मुक्त करने की मांग की गई है। मीडिया से बातचीत के दौरान कुंवर सिंह पंवार अध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी संगठन प्रतापनगर, ब्लॉक प्रमुख व प्रशासक प्रतापनगर प्रदीप चंद रमोला,छप्पन सिंह डंगवाल,रेखा असवाल,विजय पाल मखलोगा समेत अन्य मौजूद रहे।