नगर पालिका का उक्त वार्ड कभी कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता था। मगर अब यहाँ चुनावी माहौल में काफी बदलाव नजर आता है। तामाखानी,इंद्रा कॉलोनी व ज्ञानसू पांडुली वार्ड में तकरीबन 1200 से अधिक मतदाता है जो किसी भी प्रत्याशी का समीकरण या तो गड़बड़ा सकते हैं या फिर हार-जीत के अंतर में भी निर्णायक हो सकते हैं। सभासद के लिये यह वार्ड एससी महिला के लिये आरक्षित है लेकिन यहाँ का वोटर अध्यक्ष पद के दावेदारों के लिये बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वह वार्ड है जहाँ नगर का अल्पसंख्यक मतदाता,बाहरी बसे मतदाताओं की खासी संख्या है पाडुली को छोड़कर। निकाय चुनाव को लेकर इस वार्ड के अधिकांश मतदाताओं से चुनाव व वोट के अलावा किसे वह इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिये बेहतर मानते हैं व क्या कुछ उनके मुद्दे हैं जानने की कोशिश की गई। अधिकांश मतदाताओं ने पिछले कुछ महीनों पूर्व में अतिक्रमण को लेकर जो निशानदेही की गई उस पर सवाल उठाये। कुछ ने वार्ड में मूलभूत समस्याओं का समाधान न होने की बात कही। कुछ स्थानों में अतिक्रमण हटाये जाने को लेकर भी मतदाताओं में गुस्सा नजर आया। बातचीत में अधिकांश मतदाताओं की राष्ट्रीय दलों के प्रति भी नाराजगी सुनने को मिली। वार्ड के मतदाताओं से यह पूछे जाने पर की वोट किसे करेंगे जवाब में वोटर साइलेंट मिला। लेकिन यह जरूर सुनने को मिला कि जो शुरुआती ट्रेंड चला है वह अभी बरकरार है।