मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निर्धारित नियमों, मानकों एवं आवश्यक मान्यता के अनुरूप संचालित कराने को लेकर सरकार की सख्ती जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में कोटद्वार में बिना आवश्यक मान्यता संचालित शिक्षण गतिविधियों की सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंगलवार देर शाम विभिन्न मस्जिद परिसरों का औचक निरीक्षण कर शिक्षण गतिविधियों एवं संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया। निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत दो अवैध मदरसों को नियमानुसार सील किया गया।
अभियान के तहत टीम ने लकड़ी पड़ाव स्थित मदीना/रसीदिया मस्जिद के बेसमेंट में सायं करीब 7:10 बजे निरीक्षण किया। यहां एक कमरे में कुल 29 बच्चे पढ़ाई करते मिले, जिनमें 14 बालिकाएं और 15 बालक शामिल थे। प्रशासन की टीम ने मौके पर संचालित गतिविधि के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक मान्यता से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया गया, जिसमें आवश्यक अनुमति नहीं पायी गयी। कार्रवाई के तहत संबंधित मदरसे के कक्ष को संचालक की उपस्थिति में सामान सहित सील किया गया। साथ ही संचालक को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गयी कि आगे से इसमें किसी भी प्रकार की पठन-पाठन गतिविधि संचालित न की जाए।
इसके बाद टीम ने मुख्य बाजार, नजीबाबाद रोड स्थित जामा मस्जिद का सायं करीब 7:45 बजे निरीक्षण किया। मस्जिद परिसर के एक कमरे में 14 बच्चे पढ़ाई करते हुए मिले। मौके पर संबंधित शिक्षण गतिविधि के संचालन के संबंध में आवश्यक मान्यता से संबंधित अभिलेख नहीं पाए गए। प्रशासन की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कमरे तक जाने वाले मार्ग के प्रवेश द्वार पर स्थित लोहे के गेट को मस्जिद पदाधिकारियों की मौजूदगी में सील कर दिया।
उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक मान्यता, अनुमति अथवा निर्धारित प्रक्रिया के संचालित शिक्षण गतिविधियों को लेकर जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिलाधिकारी के निर्देशन में संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें स्थलीय सत्यापन कर रही हैं तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
