देहरादून/ एसटीएफ टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सिक्योरिटी एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाला देवेश मोर्या पुत्र नन्द लाल मोर्या, निवासी 16/18 न्यू वसंत विहार, देहरादून, पर राजस्थान राज्य के बांसवाड़ा में मु0अ0सं0 88/14 धारा 392, 365 भा0दं0वि0 पंजीकृत है तथा अन्य जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त अभियुक्त घटना के बाद ही वर्ष 2014 से फरार चल रहा है एवं उस पर राजस्थान पुलिस द्वारा 20,000/- रुपये की धनराशि का इनाम घोषित किया गया है। जिसकी तलाश हेतु राजस्थान पुलिस द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार दबिशे दी जा रही थी, परंतु गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
इधर एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा गोपनीय इनपुट विकसित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आज थाना कैंट क्षेत्रांतर्गत अभियुक्त को पकड़कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरांत उसे राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में अभियुक्त देवेश मोर्या ने अपने साथी के साथ मिलकर बांसवाड़ा, राजस्थान में एक व्यक्ति को एलआईसी एजेंट के नाम से फोन कर बुलाया। इसके पश्चात रिवॉल्वर दिखाकर उसे उसी के वाहन में अपहरण कर लूट की घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए। उक्त प्रकरण में अभियुक्त पर राजस्थान पुलिस द्वारा 20,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक यादविन्दर सिंह बाजवा,उ0नि0 मनोज बेनीवाल,हे0का0 सन्देश यादव, का0 रवि पंत व दीपक चन्दोला शामिल रहे।