एसएसपी उधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा के नशे के विरुद्ध अभियान के तहत गदरपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने करीब 33 लाख रुपये मूल्य की 112-3 ग्राम स्मैक बरामद कर सनसनीखेज खुलासा किया है। इस खुलासे में एक माता-पिता अपने ही नाबालिग बच्चे का इस्तेमाल नशे की सप्लाई के लिए कर रहे थे। पुलिस ने नए कानून की कड़ी धारा 95 बीएनएस का प्रयोग करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शनिवार शाम कोतवाली गदरपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम करतारपुर रोड तिराहे के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार 13 वर्षीय नाबालिग को रुकने का इशारा किया गया। स्कूटी रोकने उपरांत उसकी डिग्गी की तलाशी लेने पर उसमें से 112-3 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि यह स्मैक उसे उसके माता-पिता शाकिर अली उर्फ नक्टा और शाईन ने दी थी और उसे पुलिया के पास खड़े एक व्यक्ति को सौंपने के लिए भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शाकिर अली उर्फ नक्टा पुत्र सनव्वर अली, शाईन पत्नी शाकिर अली उर्फ नक्टानिवासी वार्ड नं0 01, करतारपुर रोड, गदरपुर, के विरुद्ध धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 95 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जनपद में यह पहला मामला है जहां बच्चों से अपराध कराने पर धारा 95 बीएनएस का प्रयोग किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शाकिर अली गदरपुर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है जिस पर पूर्व में 9 मुकदमे दर्ज हैं, वहीं उसकी पत्नी शाईन पर भी 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी को जब्त कर लिया है और नाबालिग बालक को किशोर न्याय बोर्ड के प्रावधानों के तहत संरक्षण में लिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक, एसटीएफ निरीक्षक पावन स्वरूप, उपनिरीक्षक विनोद जोशी, मोहन बोहरा, का0 बृजेश कुमार, इशरार अहमद और महिला कांस्टेबल पार्वती गोस्वामी शामिल रही।
